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वो मेरे कान में आकर के फुसफुसाई देखो,

युं तो कुछ भी न कहा, युं हर बात बताई देखो।


वो कहने को किसी से मुहब्बत नहीं करता है,

और वो हर किसी से है दिल से शनासाई देखो।


उजले चहरेसे‌ जो छूपाता है एक स्याह सा दिल,

अब वो ये कहता है कि ज़माने में भलाई देखो।


हम ने तो ठोकर लगाने वाले का भी पैर चूमा है,

और तुम हम में बस हमीं में सारी बुराई देखो।


जिस घर में रोज़ चलती थी सभी के लिए नीयाज़

नीयाज़ी उसी घर को मिलके आग लगाई देखो।

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