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"द टीचर फाइल्स" - विवेक मिश्र

विवेक मिश्रविवेक मिश्र March 23, 2022
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अपने पुत्र की बारहवीं की अंकसूची देखकर एक सवर्ण पिता भड़क गए, और जा पहुँचे उस संस्कारित विद्यालय के 

प्राचार्य जी के पास जिसमें उन्होंने अपने पुत्र को पढ़वाया था, गरज कर बोले क्या इसलिए मैंने आपके विद्यालय में लाखों रुपये का शुल्क भरा था ? अब कैसे अदा कर सकूँगा उस खेत का ब्याज जो अपने बच्चे को कृषि पढ़ाने के लिए मैंने गहन धरा था ?, आगे मुझे इसे वैज्ञानिक बनाना था, जिसके लिए इसे कम से कम 101 प्रतिशत तो पाना था,

उनकी तमाम उलाहना सुनने के बाद प्राचार्य जी ने कृषि विषय के अध्यापक को बुलवाया, और छात्र के पिता की समस्या हल करने का फरमान सुनाया,

अभिभावक की समस्त कुंठा, अपेक्षा इत्यादि समझने के बाद कृषि विषय के आचार्य ने अपनी फाइल मंगवाई, उसमें पहली कक्षा से लेकर परास्नातक तक की समस्त अंकसूचियां उन्हें दिखलाई और बोले जनाब आपका बच्चा तो मुझसे भी आगे निकल गया है हम तो 60 - 65 पर ही अटकते थे यह कम से कम 80 के पार फटक गया है, आप इत्मीनान रखिये, आपका लड़का न सिर्फ आपकी गहन रखी जमीन छुड़वायेगा वरन पूरे देश में नाम कमाएगा, सिर्फ इसी तरह की अपने परिवार के सारे दर्दों की फाइल्स बनवाइयेगा और "जय श्री नाम" कह हर एक गली कूंचों में दिखवाईयेगा, आप देखिएगा यह कोरोना से भी ज्यादा वायरल हो जाएगी, निर्धन सरस्वती दूर होगी और भक्तिमय लक्ष्मी घर आएगी |

अध्यापक की बात सुन अभिभावक खुश हो घर चले गए, लेकिन बेचारे अध्यापक प्राचार्य जी द्वारा छले गए, प्राचार्य का गुस्सा सातवें आसमान पर था कि जो काम हम न कर सके वह इनने क्यूँ कर दिखलाया प्राचार्य का अहंकार था चोटिल, सो उनने शिक्षक को विद्यालय से निकलवाया |

अभी शिक्षक भी अपनी फाइल्स देख रहा है, बच्चों को कैसे पढ़ाऊँ क्या खिलाऊँ सोच रहा है,

खैर आप शिक्षक की फाइल्स पर न जाइयेगा, बल्कि अपनी अपनी फाइल्स जरूर बनाइयेगा, ..जरूर बनाइयेगा |


- विवेक मिश्र

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