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तेरे जाने के बाद

Vivek Kumar TiwariVivek Kumar Tiwari February 14, 2022
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शाम बोझिल सी लगती है सड़के सूनसान हो गई है 
रात आंखों में गुजर जाती है तेरे जाने के बाद
दीवारें रूठ गई है मेरे घर की ये घूरती है मुझे
घड़ी थम सी गई है मेरे कमरे की तेरे जाने के बाद
नाकारा बोल कर छोड़ा था वो कल की बात थी
मैं अब कामयाब हो गया हूं तेरे जाने के बाद
एक बार कह दे अब भी इश्क़ है तुझसे 
अपनी परछाई से भी डरने लगा हूं तेरे जानें के बाद
मेरे दोस्त कुछ मय की बला लाए थे
पर मैंने कलम चुनी तेरे जाने के बाद 
वो जिन्हे शक थे विवेक के इश्क पर 
बाजिब जवाब दूंगा तेरे जाने के बाद

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