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प्यार तो था मगर कह नहीं पाए

SHAYAR VISHU KINGSHAYAR VISHU KING April 10, 2022
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इश्क दफ्न है कही दिल के कोने में 
कही सामने आए तो राज ना खुल जाए

पन्ने भर पलट-पलट कर तेरी तारीफे लिखी 
मगर हम तुम्हे चाहते है ये लिख न पाए

आए तो थे तेरे सहर में हम 
लेकिन तुमसे मुलाकात हो न पाए

सच्चा वाला इश्क किया था हमने
लेकिन तुम पूरा कर भी न पाए

शयन से उठता हर रोज सुबह 
बस तेरी ही याद आए

प्यार तो था मगर कह नहीं पाए

तक्कलूफ इश्क की हम नुमाइश कर न पाए
आरजू भी थी तमन्नाएं भी थी 
मगर तुम मेरी आशिकी को समझ न पाए

जब तलक देखा चेहरा जुल्फों से हटाके 
लगा चांद का टुकड़ा जमी पे उतर आए

बात हुई थी दिल लगाने की 
लेकिन तुम नजरे भी न मिला पाए

प्यार तो था मगर कह नहीं पाए

रूक कर पूछ लिया होता श्रुति हाल ए दिल 
अब भी तड़प है तेरे प्यार में
क्या पता वो इश्क तुम्हे दुबारा हो जाए

प्यार तो था मगर हम कह नहीं पाए ।

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