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वो सुरमई आँखों वाली

Vishal SharmaVishal Sharma October 4, 2021
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     वो सुरमई आँखों वाली


वो सुरमई आँखों वाली अब मिलेगी कहाँ।

पतझड़ में कोई कली अब खिलेगी कहाँ।

रूते कई आयेंगी और जायेंगी, 

हवा प्यार की अब चलेगी कहाँ।।


बारिश भी होगी, सावन भी आयेगा।

शरद में महताब भी नूर बरसायेगा।

टूटी हुई रिश्तों की तुरपाई, 

किसी दर्जी से अब सिलेगी कहाँ।।


दिन रूसवा,रातें जागी होंगी।

तन्हाई भी अब मेरी साथी होंगी।

अब परावने को कौन बुलायेगा,

शमा़ चाहत की अब जलेगी कहाँ।।

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