वो सुरमई आँखों वाली's image
Love PoetryPoetry1 min read

वो सुरमई आँखों वाली

Vishal SharmaVishal Sharma October 4, 2021
Share1 Bookmarks 23 Reads1 Likes

     वो सुरमई आँखों वाली


वो सुरमई आँखों वाली अब मिलेगी कहाँ।

पतझड़ में कोई कली अब खिलेगी कहाँ।

रूते कई आयेंगी और जायेंगी, 

हवा प्यार की अब चलेगी कहाँ।।


बारिश भी होगी, सावन भी आयेगा।

शरद में महताब भी नूर बरसायेगा।

टूटी हुई रिश्तों की तुरपाई, 

किसी दर्जी से अब सिलेगी कहाँ।।


दिन रूसवा,रातें जागी होंगी।

तन्हाई भी अब मेरी साथी होंगी।

अब परावने को कौन बुलायेगा,

शमा़ चाहत की अब जलेगी कहाँ।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts