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जिंदगी की पहेली

Vishal ShandilyaVishal Shandilya July 20, 2022
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मधुर स्पर्श संग धरा का श्रंगार करती बूंदें नयी नवेली।

किरणों ने जब छुआ पल भर के लिए बन बैठी रंगीली।

खिलखिला कर हँसती रही सुबह की दूब गीली गीली।

मैं खड़ा चुपचाप ओस में ढूंढता रहा जिंदगी की पहेली।


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