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मेरे सपनों की दुनिया

Virender ld goutamVirender ld goutam September 3, 2021
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मेरे सपनों की दुनियां।
एक छोटे से नींद के झोंके के साथ ।
चली आती है मेरी सपनो की दुनिया।
जहाँ जिंदगी एक खुली किताब है।
जीवन की अबूझ पहेलियों से अनजान है।
कुछ ख़्वाब हकीकत के पास है।
जो तू जो मेरे साथ है।
वहाँ।
तू चली आती है किसी किरण की भांति।
अंधकार से भरे कमरे में।
उजाला करने ।
मृत हो चुके शरीर मे।
साँस भरने ,हवा बनके।
किसी मोती की भांति तेरी आंखे।
और तेरा वो मुस्कराना।
रोक देते है समय।
मानो तू शाश्वत बाकी नश्वर राख है।
तू चली आती है।
कुछ ख़्वाबों को हकीकत करने।
और तेरे इस बार बार चले आने से ही जीवंत है हम।
बाकी सब ख़्वाब ।
सपनों में हकीकत है  हम।
मेरे सपनों की दुनिया मे हकीकत है हम।

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