ज़रा सी बात पर/ Zara si baat par ghazal by Vinit Singh Shayar's image
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ज़रा सी बात पर/ Zara si baat par ghazal by Vinit Singh Shayar

Vinit SinghVinit Singh August 19, 2022
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आज आँखें हुई हैं नम ज़रा सी बात पर

मुझसे रूठा मेरा सनम ज़रा सी बात पर


मेरी बातों पर ऐतबार नहीं अब उनको

आज खाना पड़ा कसम ज़रा सी बात पर


मेरी हालत का नहीं मुझे कोई अंदाज़ा

और भटका हुआ है मन ज़रा सी बात पर


बहते आँसू को भला मैं रोक दूँ कैसे

हुई सीने में है जलन ज़रा सी बात पर


हक़ीम आज ही नहीं काम के कब थे

हुआ नाकाम है मरहम ज़रा सी बात पर


~विनीत सिंह

Vinit Singh Shayar

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