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विश्व पर्यावरण दिवस

vineetsharma739vineetsharma739 August 24, 2022
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विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून)
सन 1972 में जब संयुक्त राष्ट्र ने विश्व पर्यावरण दिवस मानाने की घोषणा की थी तब उन्होंने आज के समय की पर्यावरण की स्थिति को पहले ही भांप लिया होगा | सन 1972 से आज की परिस्थिति को देखा जाये तो आज हर दिन पर्यावरण दिवस मानाने की जरुरत है| दिन प्रतिदिन ख़राब होते पर्यावरण को सुधारने के लिए सिर्फ 5 जून का दिन ही पर्याप्त नही है| पर्यावरण के विषय में चिंता करने के लिए  प्रतिदिन और प्रत्येक व्यक्ति को गंभीरता से सोचने की जरूरत है| आज हम अपनी सुख सुविधाओं में लगातार वृद्धि करने के कारण उससे पर्यावरण में होने वाले नुक्सान को नजरंदाज  करते जा रहे है| पर्यावरण के प्रति हमारी उदासीनता से हमारी आने वाली पीढ़ी गंभीर परिणाम भुगतेगी यह तो तय है|
    बढती आबादी और औद्योगीकरण के दौर में अंधाधुंध पेधों के कटाई और नए वृक्षों के रोपण में कमी के कारण पर्यावरण में असंतुलन पैदा हो रहा है जिससे ग्लोबल वार्मिंग मौसम चक्र में बदलाव की गंभीर स्थिति बनती जा रही है| इस असंतुलन क लिए हम सभी बराबर के जिम्मेदार है| वातानुकूलित कोठियों,ऑफिस में बैठने वाला अमीर वर्ग जितना ही जिम्मेदार गाँव में रहने वाला वो व्यक्ति है जो समर पम्प का पानी पशुओं के नहलाने के नाम पर व्यर्थ फैला रहा है|
       विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी कर के पोधे एक दिन में सैकड़ों पौधा रोपण कर रिकार्ड बनाकर उन पोधों के बारे में भूल जाने से ज्यादा अच्छा एक पौधा लगा कर उसकी नियमित देखभाल करे| इस कार्य से आत्म  संतुष्टि के साथ हम अपनी आने वाले पढ़ी के लिए हर वर्ष अमूल्य उपहार तैयार रहे होंगे| पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढाने  के लिए हमें वयस्कों के साथ साथ अपनी नन्ही पीढ़ी को भी जागरूक करना पड़ेगा जिससे उनके मन में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति लगाव उत्पन्न को सके| उनको रोल मोडल के रूप में अनिल जोशी जैसे पर्यावरणविदों के बारे में बताना होगा | साथ ही अपनी व्यस्ततम दिनचर्या में से कुछ समय पर्यावरण संरक्षण के लिए देना होगा अन्यथा की इस बेहद खुबसूरत गृह को हम अपने हाथों से बर्बाद कर देंगे| 
   इस गृह पर मनुष्य सबसे बुद्धिमान जीव है और प्रकृति का नुकसान भी सबसे ज्यादा मनुष्य के द्वारा ही हो रहा है अतः एक मनुष्य होने के नाते पर्यावरण के प्रति हमारे जो कर्तव्य है उनको हमे समझना होगा और प्रकृति का शत्रु नही प्रकृति मित्र बनना होगा |

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