अंतर's image
Share0 Bookmarks 14 Reads0 Likes

कोई ऐसा संकट जिससे आप उबर नहीं पा रहे हैं तो यह मंत्र सहारा हो सकता है:- 'ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा।'


 दोनों रहिमन एक से, जों लों बोलत नाहिं.

जान परत हैं काक पिक, रितु बसंत के माहिं.

कौआ और कोयल रंग में एक समान होते हैं- जब तक ये बोलते नहीं तब तक इनकी पहचान नहीं हो पाती,लेकिन जब वसंत ऋतु आती है तो कोयल की मधुर आवाज़ से दोनों का अंतर स्पष्ट हो जाता है.


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts