उम्मीद's image
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उम्मीद भी अब कोई दरवाज़ा नहीं खड़खड़ाती है 

हर दुआ भी कतरा के मुझ से गुजर जाती है 

जब से रुख़्सत हुआ है वो शख़्स मुझ से 

मेरी मुस्कान भी लबो पर आते हुए घबराती है 

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