तुम्हारे उपर नहीं होते रिसर्च's image
Love PoetryPoetry1 min read

तुम्हारे उपर नहीं होते रिसर्च

Vikas GondVikas Gond November 21, 2022
Share0 Bookmarks 81 Reads0 Likes
तुम्हारे उपर नहीं होते रिसर्च
तुम्हारी मनोदशा की नहीं होती काउन्सलिंग,
तुमने दुकान से कभी नहीं ख़रीदी नींद की गोली,
तुम दिन भर हाड़तोड़ मेहनत के बाद जब पहुँचते हो घर
नींद तुम्हें दूर से पहचान लेती है!

तुमने कभी नहीं समझा अवसाद ग्रस्त होने का अर्थ,
तुमने कभी नहीं किया मेडिटेशन,
तुम्हें कोई नहीं बताया स्वप्नविश्लेषण
तुमने नही सुना मनोविदलता शब्द
क्योंकि तुमने जल ,जंगल , ज़मीन से ज़्यादा
कुछ नहीं चाहा !

तुम्हारे अधिगम की प्रक्रिया में
नहीं आतीं है किताबें, नहीं आती है क़लम
बाबा सिखाते है शिकार करने का बेहतर उपाय,
उन्हें भी यहीं सीखाया गया था!
तुमने कभी नहीं देखा विश्वविधालय,
क्योंकि जंगल में नहीं होते विश्वविद्यालय!

- विकास गोंड , छात्र - इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts