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Azadi Ka Amrit MahotsavPoetry1 min read

मिलकर हम सब आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाएँ

Vikas BansalVikas Bansal September 12, 2022
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मिलकर हम सब आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाएँ 

हर घर तिरंगा हो, देश के घर घर पर तिरंगा फहराएँ 


मिली आज़ादी जिनकी वजह लगा लिया मौत को गले 

करें याद उन शहीदों को सजदे में उनके हम शीश झुकाएँ 


तिरंगा हम सबको जोड़ता है और करवाता गर्व का अहसास 

मिलजुल कर हम सब आज जन मन गण राष्ट्रगान गाएँ


विश्व पटल पर लहरा रहा हिन्दुस्तान की सफलताओं का परचम 

बढ़ चलें हम यूँ पूरे विश्व की अपनी ताक़त से पहचान करवाएँ 


हिन्दुस्तान आगे बढ़ रहा है सीना ५६ इंच का लिए देख रही दुनिया 

ठान ले हम जो कर दें वो सब, करते स्वागत सबका बाँहें फैलाएँ 


बेकार न जाए शहीदों की क़ुर्बानी आज बस क़सम ये है खानी 

हर हिन्दुस्तानी दे रहा दिल से देश की ख़ुशहाली की दुआएँ 


मिलकर हम सब आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाएँ 

हर घर तिरंगा हो, देश के घर घर पर तिरंगा फहराएँ 

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