मेरा राम अलग's image
1 Bookmarks 44 Reads1 Likes

मेरा राम अलग , मेरी राह अलग , 

मेरा काम अलग , मेरी चाह अलग , 


बस उसके मन की हो जाये,

चाहे घाम रहे, चाहे छाव रहे,

बस मनमोहन की हो जाये, 

मन चोट लगे या घाव रहे, 


मेरा राम अलग , मेरी राह अलग , 

मेरा काम अलग , मेरी चाह अलग , 


तू दर दर के यूँ पिस्ता है,

न गेहूँ तू, ना है तू चना,

हर घाव से पानी रिसता है,

जाने किस माटी से तू बना, 


मेरा राम अलग , मेरी राह अलग , 

मेरा काम अलग , मेरी चाह अलग , 


ना धन की रही , ना तन की रही , 

ना तेरे मेरे मन की रही, 

एक लहर रमी थी जंगल में , 

सब छोड़ पिया के मन की भई,


मेरा राम अलग , मेरी राह अलग , 

मेरा काम अलग , मेरी चाह अलग , 


ना बाँध सके कोई बंधन में,

ना आग रही अब ईंधन में,

न इतर कोई, न फिकर कोई,

ना बहे आँख अब नींदन में , 


मेरा राम अलग , मेरी राह अलग , 

मेरा काम अलग , मेरी चाह अलग,

                        --प्रेमी--



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts