रंगों को प्यार देना तुम....'s image
Poetry1 min read

रंगों को प्यार देना तुम....

vijay ranavijay rana March 16, 2022
Share0 Bookmarks 35 Reads0 Likes

कौन बिखर कर यूं खुश होता है भला

ऐसे ,जैसे मुआ होली का रंग होता है


खिलखिला उठता है हवा में उड़ते ही

ये रंग निरा,बिखर के और निखरता है


उभारता है रंगत कोरी हथेलियों की भी

हर चेहरे को गज़ब का श्रृंगार देता है


इस होली में जब गुलाल उड़ाना  तुम

उन रंगों से भी थोड़ा प्यार जताना तुम


धीरे से रंग लगाना रुखसार पर अपने

रंगों के बहाने खुद से भी प्यार करना तुम


जब खिलखिलाएं ये रंग तुम्हारे चेहरे पर

किसीको याद कर धीरे से मुस्कुराना तुम


Wandering_gypsy_rns

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts