सामाजिक पतन's image
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मेरी हर हार के बाद वो हँसा,

वो इतना हँसा वो कितना हँसा!

उसकी वो हँसी आस्वस्त करती है

कि इस दुनिया में

पतन से भी उत्पन्न हो सकती है ख़ुशी,

और इसीलिए आज सामाजिक पतन भी

समाज के लिए ख़ुशी की बात है।



- विक्की आनंद (कैप्टेन)


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