तुम्हारी यादें's image
Lucknow HORN OKPoetry1 min read

तुम्हारी यादें

VicharVichar November 17, 2021
Share0 Bookmarks 7 Reads0 Likes
तुम्हारी यादें

उतरे हुए कपड़ों को समेट का रख रहा हूँ
कुछ तो फटे हैं पर,
ज्यादातर मैंने संभाल कर रखे हैं,
हर कपड़ा अलग है 
कलाकारी, काल के लिहाज़ से
पर तुम्हारी खुशबू आज भी
मौजूद उसी जज्बात से।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts