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ख़ामोशियाँ

Vibha JainVibha Jain October 5, 2022
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अतीत की परछाइयाँ

लिखती है बीती कहानियाँ,

लिखी होती है कभी तन्हाइयाँ

तो कभी छाई होती है ख़ामोशियाँ।


©️Vibha Jain

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