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कश्ती हौसलों की

Vibha JainVibha Jain January 11, 2022
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सूरज होने को आया है अस्त
पंछी घर चले होकर सुस्त
आंधी और तूफान भी है मस्त,
कश्ती हौसलों की पूर्णविराम लगाएगी नहीं तब तक
पहुँच ना जाए अपने किनारे जब तक।

©️Vibha Jain

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