उसूल's image
Share0 Bookmarks 66 Reads1 Likes
बातों में बह जाऊं, जो न कहता कभी, गर वो भी कह जाऊं...
होते होते भी कभी, जो वास्तविक ना हो पाऊं, यह मुझे मकबूल नहीं...
खड़ा रहूंगा बेशक अकेला, लेकिन दामन-ए -सच छोड़ देना मेरा उसूल नही।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts