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श्रद्धांजलि मुलायम सिंह यादव जी

Varun Chaudhary antrikshVarun Chaudhary antriksh October 14, 2022
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रात अन्धेरी छुपा न पाई, अरनिमा का सोना 
उजियारे भी रोक न पाए  रात का होना 
समय चक्र है  सब बनता मिटता रहता है
प्राण पखेरू उड़ते ही तन मिट्टी का एक खिलौना 


मृत्यु के बाद एक और जीवन होता है। जहां इन्सान अपनों की यादों में जीवित रहते हैं। 

© वरुण चौधरी अंतरिक्ष 

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