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बचपन का दौर फिर लाएं
मौज मेें जिएँँ,न चिंंताएँ  सताएँँ।

नन्हें-नन्हें कदमों से चलना, पापा की गोद मेेंं दौड़ के चढ़ना,
गैलरी से बरामदे की दूरी 
मिनटों मेंं पार कर जाएँ।
बचपन का दौर फिर लाएँ।

मिट्टी से खेलना, रेेत से घर बनाना,
दोपहर की धूप में छत पर चढ़ना
लाइट जाने पर  
हो- हल्ला मचाएँँ।
बचपन का दौर फिर लाएँ।

कापी पर सूरज और चंदा बनाना,
'नंदन'और 'चंपक'की कहानियों से मन  बहलाना,
स्कूल के टिफिन का खाना वापस घर लाएँ।
बचपन का दौर फिर लाएँ।

साइकिल पर घूमना, बात-बात पर बाजार जाना,
पचास का सामान लाना, बावन   का  बताना
दो रूपये की मैलोडी चोरी से खाएँ।
बचपन का दौर फिर लाएँ।

रोटी खाने में नाक-भौं सिकोड़ना,
तरह-तरह के बहाने बनाना
चाय मेें पराँँठा जमकर खाएँँ।
बचपन का दौर फिर लाएँ।
मौज मेेंं जिएँ,न चिंंताएँ 
सताएँ।

-वर्षा

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