माँ-बाप का होना's image
Poetry1 min read

माँ-बाप का होना

Vaishali (Gangotri)Vaishali (Gangotri) October 10, 2022
Share0 Bookmarks 24 Reads0 Likes

माँ बाप का होना


यह पता होना कि दुनिया में


वे हैं कहीं


सही सलामत



भले ही कभी कभार


पर हम मिल पाएं उनसे


और उनके छू लेने भर से


छांव का अहसास हो



फोन पर ही सही


उनसे बता पाएं 


चोट,बुख़ार जो 


और हर कोई


सुनकर कर भी


कर देता है नज़रअंदाज़



कभी कभी खा पाएं


लगना से मंगाया


लाया और पाकाया गया


हमारी पसंद का


उनको बिना बताए कि


हमारी पसंद अब कुछ


बदल गयी है



माना कि ख़ुदग़र्जी है


पर वही तो बस हम


हक़ से कर पाए


बे-तकल्लुफ़



 --- वैशाली साहू 'गंगोत्री'

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts