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जल्दी जल्दी बड़ा न होना

Vaishali (Gangotri)Vaishali (Gangotri) January 20, 2022
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गोद से उतर गया आँगन में

तू मेरा नन्हा सा खिलौना |

तेरा बचपन मेरी पूँजी

जल्दी जल्दी बड़ा न होना |


थोड़ा हँस लूं, मैं भी खेलूं

संग संग बचपन फिर से जी लूं |

बाह में भर लूं, गोद में ले लूं,

मीठी बातों का रस पी लूं |


जान समझकर खेल में हारूं,

तेरी खुशी में मैं जग जीतूं |

तू छुप जाता और मैं ढूढ़ूं,

तू भागे जब दौडं के पकड़ूं |


तुझको दूं ममता की छइयां,

पाँव थके या थके ये बहियां |

पर जानूं, यह समय का पहिया,

चलता अपनी चाल रे भइया |


दौड़ भाग से भरी ये दुनिया,

भीड़ में जाकर कहीं न खोना |

तेरा बचपन मेरा जीवन,

जल्दी- जल्दी बड़ा न होना |


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