फुँल मे काँटा's image
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इस खुबसूरत जीवन मे खुशी के साथ दुख के भी पल आते हैं।सुख और दुख जीवन हिस्सा हैं।हाँ यह दोनों ही हिस्सा हैं।लेकिन बहुत से लोग यह समझ नहीं पाते हैं।वह लोग दिन को तो देख लेते हैं।लेकिन रात को नहीं मानते हैं।जबकि रात और दिन दोनों हैं।ठीक उसी तरह जैसे गुलाब का फुँल हैं।गुलाब का फुँल खुबसूरत तो हैं।लेकिन उसके साथ काँटा भी हैं।यह भी सच्चाई हैं।दोनों एक दुसरे से जुडे हुये हैं।दोनों एक साथ हैं।उसी तरह सुख और दुख भी हैं।दिन और रात भी हैं।इसलिए इन दोनों का महत्व हैं।और दोनों को समझना बहुत जरूरी हैं।तभी जीवन का असली चेहरा इंसान को समझ आता हैं।#

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