जीतने की कला's image
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जीतने की कला आपके अंदर हैं।यह कही बाहर नहीं मिलता बस आप जीतने के लिए सोचना भी शुरू कर देते हैं।तब आप जीतने की तैयारी शुरु कर देते हैं।जीत दो तरह की होती हैं।या तो आप बाहर की दुनिया मे जीतते हैं।या अपने अंदर लेकिन बाहर की दुनिया मे जीत तभी संभव हैं।जब आप अपने अंदर जीत के लिए तैयार हो जाते हैं।हार आपको तभी मिलता हैं।जब आप जीतने के लिए सच मे नहीं सोचते आज जो लोग सफल और कामयाब हैं।वह पहले अपने अंदर विजेता बनने का सपना जरूर देखें होंंगे तभी वह सफल और कामयाब हैं।वह लोग भी हारे होंगे क्ई बार हारे होंगे लेकिन सपना उन्होंने ने एक विजेता बनने का देखा हैं।इसलिए वह आज सफल और कामयाब हैं।#

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