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अभी जिंदा हो तुम

vaibhav singh vaibhavvaibhav singh vaibhav November 30, 2021
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काली रात मे भी अगर सवेरा का उम्मीद लिए बैठे हो तो अभी जिंदा हो तुम कठिन और मुश्किल समय मे भी फिर से खडे होकर लडने का हिम्मत रखते हो तो अभी जिंदा हो तुम समय के रफ्तार से भी तेज आगे निकल कर अपने लक्ष्य को पाने के लिए दौडते हो तो अभी जिंदा हो तुम इशारों के पहले समझ कर आगे बढ जाते हो तो अभी जिंदा हो तुम कामयाबी पाने के बाद भी शांत नदी की तरह बहते हो तो सही मायने मे अभी जिंदा हो तुम #

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