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दुस्साध्य गणित

Utsav KumarUtsav Kumar January 24, 2023
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करता हूं कोशिश कई बार,
मिलती है मुझे लगभग हार।
देख लेता हूं उदाहरण
फिर हल करता हूं प्रश्न
सोचता हूं उत्तर मिला लूंं।
मैं खुद का आत्मविश्वास बढ़़ा लूं।
मिल जाता है जब सही उत्तर-
होता हूं खुद में और प्रखर।
इसी उत्साह में अगला प्रश्न करता हूंं।
झटपट पन्नेेेे पलटकर उत्तर देखता हूंं।
उत्तरमाला सेेेेे उत्तर जब मेल नहीं हो पाती है
तब चेहरे पर वही पुरानी उदासी छा जाती है
और प्रश्न करूंगा तो गुस्सा आ जाएगा!
जब परीक्षा समीप आएगा तब देखा जाएगा।
यही सोचकर किताब बंद कर लेता हूं।
फिर वापस उसको अलमारी में रख देता हूं।।
                                         
                                           ___उत्सव कुमार
 

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