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शांत, कुछ मत कहो, एकदम शांत

Uneet Kumar SinghUneet Kumar Singh June 16, 2020
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शांत, कुछ मत कहो, एकदम शांत 

कानों में चीख गूंजती रहे फिर भी शांत 

आंखों के सामने सर फटे फिर भी शांत

कोई मां अपने बच्चे को रोये फिर भी शांत

भीड़ किसी को घेर के मारे फिर भी शांत 

आग का खेल हो हर ओर फिर भी शांत

सबक सिखाया जा रहा है इसलिए शांत

पाठ पढ़ाया जा रहा है इसलिए शांत

बस्ती उनकी ही तो जली है इसलिए शांत

दहसत में वो ही तो है इसलिए शांत

एक मुसलमान ही तो मरा है इसलिए शांत

एक काफ़िर ही तो मरा है इसलिए शांत

आतंक राम के नाम से है इसलिए शांत

बात रसूल की है इसलिए शांत

हिन्दू आतंकी नही हो सकता इसलिए शांत 

जिहाद में सब जायज़ है इसलिए शांत

भेड़ियों का जंगल है ये समाज इसलिए शांत

ये नया हिन्दोस्तान है इसलिए शांत

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