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Kumar VishwasPoetry1 min read

बस जुमलों का शोर

Umesh ShuklaUmesh Shukla August 26, 2021
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हर तरफ से उठ रहा है

बस जुमलों का शोर

सत्ताधीश सुख में मगन

जन पीड़ाएं सब गौण

सब समस्याओं के लिए

पंडित नेहरू जिम्मेदार

ये तो सत्ता में आए करने

बस जुमलों का कारोबार

सत्ता पर निशिदिन टिकी

उनके पूरे कुनबे की नजर

जनता को जाति के खांचों

में बांटते पूरी शक्ति भर

निष्पक्षता की शपथ को

कर पूरी तरह नजरंदाज

सपने संजोए बैठे हैं कि सदा

अक्षुण्ण रहेगा उनका राज

जन जन को चैतन्य होकर

उठाने होंगे अपने सवाल

सही अर्थ में लोकतंत्र को

तब हम कर सकेंगे बहाल


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