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सत्य के डगर पर असत्य को मिटाएं

udaykumar030462udaykumar030462 December 12, 2022
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सत्य के डगर पर, असत्य को मिटाएं ।

मजहब के उलझनों से दूर हो हम जाएं ।

हिन्दी हैं हम, वतन है, हिन्दुस्तान हमारा।

भेदभाव कर के इस में उलझ न जाएं ।

सत्य के डगर पर, असत्य को मिटाएं ।।

मन्दिर कहाँ है, मस्जिद, क्यों उलझनों में आएं ?

जब एक ही है ईश्वर तब क्यों न इसे सुलझाएं ?

मर रहे हैं हम हजारों , सिमट कर के दायरों में ।

हिन्दु हैं हम, तुम मुस्लिम, न होगे एक हम तुम ।

इस सोच को मिटाएं और अपना सभी बताएं ।

मुल्ला, मोलबी, पण्डित सभी एक रास्ता परआएं ।

सत्य के डगर पर असत्य को मिटाएं ।।

वेद भी हमारा, कुरान भी हमारा, बाइबल भी है हमारा।

जो भी बना यहाँ है ,इसे भूल हम न जाएं ।

लोकहित की बात सब में, उसेे छानकर बताएं ।

पण्डित और मुल्ला फादर स्वच्छ सोच को अपनाएं ।

मजहब के उलझनों में, उलझ नहीं हम जाएं ।

सत्य के डगर पर असत्य को मिटाएं ।।

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