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समझाना बहुत है मुश्किल

udaykumar030462udaykumar030462 December 12, 2022
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जिसके लिए हूँ कुर्बान, वही खफा है मुझसे ,

करुँ तो क्या करुँ मैं ? समझाना बहुत है मुश्किल ।

खुद्दार हैं सभी हम, खुद्दारी मेंरा न समझा ,

इल्जाम उलझनो का, मिटाना बहुत है मुश्किल ।।

देश है हमारा , वतन का हम रखवाले ,

गुजरे हुए वो गर्दिश, समझाना बहुत है मुश्किल ।

जिसके लिए हूँ कुर्बान ,वही खफा है मुझसे, 

करुँ तो क्या करुँ मैं ? समझाना बहुत है मुश्किल ।।

विकास का रफ्तार है, हलचल सभी के दिल में ,

उम्मीद से भी ज्यादा , उलझन हमारे दिल में ।

सरहद भी है सुरक्षित , काश्मीर भी हमारा, 

जो कर सका न कोई , वो कर के हम दिखाया । उलझन में कुछ पड़े हैं, सुलझाना बहुत है मुश्किल ,

करुँ तो क्या करुँ मैं ? समझाना बहुत है मुश्किल ।।

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