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है बृंदावन के मुरली वाले

प्रदीप त्रिपाठी"ख़ालिस"प्रदीप त्रिपाठी"ख़ालिस" August 19, 2022
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सावली सूरत ,मोहनी मूरत
नटखट मेरे गिरधरनागर
हम तो दास है तेरे कान्हा
करते तेरी विनती दिनभर

सुन लो मेरी करुण पुकार
दे दो दर्शन बस एक बार
धन्य हो जाए जीवन मेरा
इच्छा है ये अंतिम बार

हे!बृन्दावन के मुरली वाले
तेरी करू पु.का....र

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