मन​'s image
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मन के बान्धे जग बन्धे,

बिन मन बन्धे ना कोय I

आपै आपै सब कहे,

दुजे जे होने हो होय् I

हर जुग मे बस यहि होत है,

दुजे होय न कोय I

खाये खेले तज दिये,

सब कुछ माटी होय I



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