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अब किससे क्या कहिए

त्राणत्राण November 13, 2021
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अब किससे क्या कहिए 

हक़ीक़त है तरजुमा नहीं 


वक्त बेवक्त बीतता है

ज़िंदगी है फ़साना नहीं 


मिल जाए तो मंज़िल है

रास्तों का ठिकाना नहीं 


मुंसिफ़ जो है अंधा है 

ख़ुदा नहीं सायना नहीं 


चैन किसको हैत्राण’ 

तस्कीन का पैमाना नहीं 

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