पल भर के लिए's image
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#पल_भर_के_लिए नफरतों की तपन में रहे
गुल वो नाजुक से फिर भी चुभन में रहे

ढूंढते हम रहे आपको रुह तलक
और आप बस अंजुमन में ही रहे

जो भी शिकवा शिकायत गिला हैं हमसे
आज कह दीजिए  कुछ न मन में रहे

जान कहते थे वो देखिए खूब हैं
एक हम ही न उनके जहन मेॆ रहे

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