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मेरी फिरदौस

Satyam SinghSatyam Singh March 6, 2022
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मेरे हर गली दयार मे इश्क की ब्यान हो तुम फिरदौस

 
स्वर्ण मंदिर, ताज की चमकती मीनार हो तुम फिरदौस

 
गंगा-यमुना की सीरत मे मिलती इलाहाबाद हो तुम फिरदौस

 
गुलाब की कबा,गुलशन की असास हो तुम फिरदौस


मेरे उदास दरवाजों को छूती सुबह की ब्यार हो तुम फिरदौस

 
मुझे सम्हालती समेटती ग़म-शनास हो तुम फिरदौस

 
मेरे दिल की ग़ज़ल गीत,नुसरत की आवाज हो तुम फिरदौस

 
उस जहां की आती पुर-सुकून एहसास, अब्सार हो तुम फिरदौस

 
मेरी फिरदौस, मेरी फिरदौस तुम मेरी हो फिरदौस!

 
- सत्यम सिंह 

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