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गुनाहों के पन्नो

thekaivthekaiv November 26, 2021
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आंखों से सरकते,

नींदों के ये सिलसिले।

यादो के झुरमुट में,

अटक से जाते है कहीं।

कहते दरख्तों से शायद,

ये कहानी अपनी।

वो गुनाहों के पन्नो में,

उलझ से जाते है

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