सोच की सोच's image
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सोच से मतभेद सारे, सोच से हैं दूरियां।

सोच से ही विषमताएं, सोच से मजबूरियां।।

सोच से जब सोच मिलती,तो सुलझतीं उलझने,

दोस्ती और दुश्मनी है, सोच के ही दरमियां।।

...

सोच में ही हैं समाहित, रास्ते सुख शान्ति के,

सोच ही आपस के,सम्बन्धों का मूल आधार है।

सोच से अभिभूत होते, मित्र, सम्बन्धी, स्वजन,

सोच की परिकल्पना में निहित ये संसार है।।

...

सोच से रिश्ते बिगड़ते, सोच से मिटते भरम,

सोच  से मनभेद  होते, सोच से सम्भाव है।

सोच से सम्भव सभी की,सोच को स्वीकार करना,

सोच है मरहम कभी, तो सोच से ही घाव है।।

...

सोच को ऐसे सुधारें, सोच से मिलकर सभी की,

सोच अपनी हर परिस्थिति में सदा अनुकूल हो।

हो अगर अन्तर कहीं भी सोच में तो सोच लें फिर,

क्या पता इस बार अपनी सोच में ही भूल हो।।





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