परछाइयां's image
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हम चलेंगे तो चलेंगी, साथ ये रुसवाईयां।

आगे, पीछे, दाएं, बाएं,फिसलती परछाइयां।।

...

है ही नहीं विकल्प, कोई और, किसी राह का।

या तो हैं कुछ छंद मेरे, या मेरी तन्हाईयां।।

...

समय पर बीने न होते, राह के रोड़े अगर।

तो न होती राह ये, ना ही ये रहनुमाइयां।।

...

श्वास के पाबंद हैं, ये धड़कने, दिल और हम।

दिल में ही पलतीं हैं खुशियां, हसरतें, रुसवाइयां।।

...

डर अंधेरों का नहीं, बस उजाले की बाट है।

होते ही सुबह, फिर शुरू हो जाएंगी सरगोशियां।।

...

राज क्या खोलें, किसी के दर्द की तासीर का।

दर्द खुद में ही है जख्मी, और फिर तन्हाइयां।।

...

याद रखना आज के दिन की सुबह का फलसफा।

क्या पता कब साथ छोड़ें, अपनी ही परछाइयां।।




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