मनोकामना's image
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होती है इंतजार की भी इंतहा कभी।

हो जाते हैं साकार स्वप्न, कल्पना सभी।।


मन से हों,लगन से हों,सभी कोशिशें अगर।

होते हैं पूरे ख्वाब सभी, कामना सभी।।


लगता है वक्त कितना वो तो बात अलग है।

आएगा वक्त, पूरी होगी, याचना  सभी।।


बचपन की हो इच्छा या जवानी की अपेक्षा।

हो जाता है उसका भी सच से सामना कभी।।


होकर निराश अधर में, न छोड़ना शगल।

बेकार नहीं जाती, कोई साधना कभी।।


हो नीति सही, लय सही, नीयत भी ठीक हो।

बाकी  नहीं  रहेगी,  मनोकामना  कभी।।


सच्चाई से, अच्छाई से, मिलकर रहें सदा।

ऐसा न हो पड़ जाय, दिल को थामना कभी।।






 










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