"भूख"'s image
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"भूख" का पर्याय भोजन तो नहीं पर...

भोजन का अस्तित्व ही भूख का अहसास है !

भूख के इस अहसास की अभिव्यक्ति,

हर जीव की अपनी, और... खास है !!

...

गली के हर मोड़ पर, कूड़ेदान और,

कचरे में पड़ा भोजन ...

इंसानियत के मात्र एक वर्ग के...

संतृप्त मनोभावों की भंगिमाएं बनाता है!

और दूसरी तरफ...

इस मनोविकार की गिरफ्त से ग्रसित,

कहीं एक एक निवाले की लालसा में 

निर्लिप्त और विक्षिप्त कोई असहाय मन,

भोजन के इन्तजार में भूखा ही सो जाता है!!

...

अन्तर बहुत गहरा है...

सोच का, सामर्थ्य का, 

क्षमता का, अक्षमता का,

पर भूख से बिलखता हुआ पेट,

कहीं, किसी से कोई भेद भाव नहीं करता है !

अमीर हो या गरीब, सक्षम हो या अक्षम,

सहाय हो या असहाय, सद्बुद्धि हो या निर्बुद्ध,

भूखा पेट तो किसी भी तरह...

मुंह से पेट तक पहुंचाए गए

कमोबेश भोजन से ही भरता है!!














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