रूह's image
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लिखा है तुझे और कहीं हमने बेनाम रखा हैं,
तेरी दिल की गालियों मैं अब गुमनाम रखा हैं,,

थोड़ा तो लिहाज रख तुझे कोन जानता हैं यहां,
तुझ को छिपा कर खुद को सरेआम रखा हैं,,

सुना है तू शबाबो के शहर मैं रहने लगा हैं,
सो हमने भी गिलास भरने का इंतजाम रखा हैं,,

तू लौटकर आए तो बदसलूकी ना हो तेरे साथ,
इसलिए जान हमने ये पैग़ाम तेरे नाम रखा हैं,,

तुझे बेवफ़ा नाम से पुकारा जाए सुना नहीं जाएगा,
सो हमने खुद को अब इस शहर मैं बदनाम रखा हैं,,

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