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युद्ध और बिश्वशांति के लिए

Tarak ThakrarTarak Thakrar February 25, 2022
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ये कोनसा मजहब है ओर कोनसी है ये लड़ाई,
एक अहंकार मे सिपाहियों ने अपनी जान गवाई,

ऐसी कोनसी भूख ज़मीन के टुकड़े ने लगाई
लहू लुहान हूई ज़मीन और शहीद हो गए बहनो के भाई।

क्या फलसफा मिला युद्धसे क्यू ये आग लगाई,
मिला एक ज़मी का टुकड़ा और माँ के बेटोने जान गवाई।

चलो एक नई शुरुआत करे, खत्म करे ये बेकार की खूनी लडाई,
"वसुदेवं कुटुम्बकम" की तर्ज़ पर मिल कर रहे दुनिया के सब भाई।

- तारक

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