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गवाह गयाब है मेरे

Tapovan VashishtTapovan Vashisht January 28, 2022
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गवाह गायब है मेरे और मुवक्किल गैर हाज़िर है 
मुंसिफ रो रहा है देखकर खाली अदालत को 

नाकाबिल हूँ मैं साज़िश में तो सीधे जुर्म करता हूँ 
लगा रहता हूँ मैं बस ताक में अपनी कफालत को 

मिला खुद्दार हो के क्या मुझे, न इल्म है मुझको
अभी तो छोड़ना ही है मुझे अपनी जिहालत को 

हर जुर्म से पहले मैं खुद से बात करता हूँ
और सोचता हूँ, क्या कहूंगा मैं वकालत को

गवाह गायब है मेरे और मुवक्किल गैर हाज़िर है 
मुंसिफ रो रहा है देखकर खाली अदालत को

तपोवन वशिष्ठ

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