जोहरी's image
Share0 Bookmarks 0 Reads2 Likes
काँच सा नाज़ुक था दिल,
एक जोहरी की मोहब्बत ने हीरा बना दिया 

पर हीरा बनना आसान न था
हर चोट के साथ दिल थोड़ा सा टूटा
दर्द में सराबोर, ज़रा ज़रा सख्त बना दिया

कब कहां कितनी चोट करनी है,
जोहरी को खूब मालूम था
दिल तो तोड़ा मगर बिखरने न दिया
बड़ा वक्त लगा लेकिन, एक नायाब नगीना बना दिया 

टूटे दिल के टुकड़े जोहरी को भी छलनि कर गए
मगर इस दर्द को उसने मोहब्बत का नाम दिया
इस अनमोल खजाने को दुनिया से छुपा कर
अपने दिल का ताज बना लिया।

__स्वाति शर्मा

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts