सुहाना बचपन's image
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बचपन के दिन थे सुहाने,

मन में थे खूब तराने,

सदा ही मन में प्यार था,

न कोई टकराव था,

नन्हे मुन्ने बच्चे थे,

हम मन के सच्चे थे,

फिर से वो हम दिन दुहराऐं,

सब के मन में प्यार जगाऐं,

भेद भाव की भावना को,

सब के मन से हम हटाऐं,

चाचा नेहरू के सपने को,

आओ हम साकार बनाऐं।।

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