अनेकता में एकता's image
Poetry1 min read

अनेकता में एकता

Suruchi SalhotraSuruchi Salhotra October 10, 2022
Share0 Bookmarks 42 Reads1 Likes


सुन्दर रुप इस धरा का,

आंचल जिसका नीला आकाश,

उस पर चांद सूरज़ की बिंदियों का है ताज़,

सूरज़ की किरणें धरा को चमकाती,

सारी कलियां खिल जाती,

चिड़ियां भी चहकाती,

श्याम हुई लाली फैलाकर,

जब सूरज़ छिप जाता,

चंदा तारों के संग,

धरा पर चांदनी फैलाता,

यही है अनेकता में एकता का संदेश,

प्रकृति हमें सिखलाती मिलजुलकर रहो हमेश ।


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts