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अब तो इतंजार है उस पल का जो उसकी आंखों में

पूरा दर्द खत्म हो जाता है

अब तो इतंजार है उसकी बातों का

जो एक सुकून सा मिलता था

अब तो इतंजार है उसकी एक मुस्कराहट का

जो पुरा गम खुशी में बदल देती थी .


- सुरज पटेल

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