निशानी's image
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कुछ इंसानियत बच जाए,

बस इतना ही काफी होगा, 

रह जाए उम्मीद बेहतरी की,

कुछ ज़ख्म तो शायद कम होगा,

कुछ पर्दा हो मेरी निशानी पर,

तो गैर पर बहस काम होगा ,  

हैं कई नुमाइश के शौक़ीन,

मुझे गुमान न हो, अच्छा होगा... 

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